प्रिय साथियो,
एक नागरिक के रूप में हम सभी की यह जिम्मेदारी बनती है कि हम संवादपरक और विवेकशील समाज के निर्माण में योगदान दें। इसलिये यह आवश्यक ही है कि हम विचारों के वैविध्य के प्रति सहिष्णु हों, तथ्यों की पड़ताल करने में सक्षम हों और बिना किसी पूर्वाग्रह के विषय के प्रति जिज्ञासा रखते हों।
प्रस्तुत वीडियो में मैं इसी विषय पर अपनी बात रख रहा हूँ। चर्चा के केंद्र में यही है कि किसी विषय पर ठोस और प्रामाणिक राय बनाने की क्या कसौटियॉं हो सकती हैं और कैसे अतिरेकी सूचनाओं से घिरे होकर भी संतुलित समझ विकसित की जा सकती है।
मुझे उम्मीद है कि यह चर्चा आपके लिये उपयोगी साबित होगी। आइये संवाद के रास्ते समाज को रचनात्मक और वैचारिक रूप से समृद्ध बनाते हैं।
#Vikasdivyakirti #drvikasdivyakirti #vikassir

0 Comments